ईन्धन कैसे बचायें
- ज्यादा आराम से और कम ईन्धन में खाना पकाने के लिए गैस स्टोव जलाने से पहले
भोजन बनाने हेतु सभी तैयारियॉ कर लेनी चाहिए। बिना वजह बर्नर को जलता हुआ नही
छोडना चाहिए।
- यह स्मरण रखने की बात है कि फिर से बर्नर जलाने के लिए माचिस की तीली या
गैस लाईटर गैस स्टोव जलता हुआ छोडने में खर्च होनेवामी गैस से सस्ती पडती है।
बेहतर होगा कि गैस लाईटर का प्रयोग किया जाए।
- खाना पकने के साधारण तरीके के मुकाबले प्रेशर कुकर से खाना पकाने में कम
समय लगता है और 30% ईंधन की बचत होती है।
- परिवार के सभी सदस्यों में एक साथ खान खाने से ईंधन की बचत होती है,
क्योंकि बार-बार खाना गरम करनें की जरूरत नही पडती है। बार-बार खाना गरम करनें
से ईंधन की बरबादी हो होती ही है, भोजन की पौष्टिकता भी नष्ट होती है।
- हर बर्नर में एक गैस टेप होता है, जो बर्नर में गैस के प्रवाह को
नियंत्रित करता है। नॉब को ऑन की स्थिति में रखने पर बर्नर में अधिकतम गैस आती
है और नॉब को सिम की स्थिति में रखने पर गैस अपनी अधिकतम क्षमता के 15 से 33
प्रतिशत तक ही जलती है।
- जलनेवाले गैस से अधिक ताप प्राप्त करने के लिए यह ख्याल रखना चाहिए कि
बर्नर से हरी नीली लपट निकलती रहे। अगर बर्नर के छेद बंद हो जाए तो किसी कुशल
मैकेनिक को बुलाकर बर्नर साफ करा लेना चाहिए। पीली लपटों के कारण बरतन में
कालिख जम जाती है, इससे समझना चाहिए कि गैस बेकार जा रही है।
- जल्दी, स्वादिष्ट और पौष्टिक खाना पकाने के लिए बरता में जितना हो सके, कम
पानी डालना चाहिए। अनावश्यक पानी की वजय से भी ज्यादा ईंधन लगता है।
- अगर गैस में छोटा और बडा दोनो बर्नर है तो छोटे बरतनों के लिए छोटे और बड़ी
बरतनों के लिए बडे बर्नर का उपयोग करें। बडे बर्नर में 15% ज्यादा ईंधन लगत है।
इसके अलावा हमेशा चौडे और उथले बरतनों मे खाना पकाना बेहतर होता है।
- ढककर पकाने से भोजन आसानी से और कम गैस में पकता है।
इस प्रकार एल.पी.जी. का व्यवहार अगर सही तरीके से किया जाय तो लाभप्रद ईंधन के
रूप में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।